बंगाईगांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का विधिवत समापन,भक्ति रस में डूबे भक्त

*श्रीमद् भागवत कथा के समापन में फूलों की होली खेली भक्तों ने,उत्साह की माहौल*

तिलक चंद्र प्रसाद /16 अगस्त 2023.बंगाईगांव(असम).

निचले असम के सुप्रसिद्ध नगरी बंगाईगांव शहर के श्री राम मंदिर महिला सत्संग समिति के तत्वाधान में राम मंदिर प्रांगण में आयोजित की गई सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का 15 अगस्त मंगलवार के दिन मंगलमय रूप से सफलता पूर्वक समापन हो गया। आज की पूजा श्री कैलाश अग्रवाल – श्रीमती हेमलता अग्रवाल एवं श्री पंकज महेश्वरी – श्रीमती शोभा महेश्वरी ने जजमान के रूप में कराई।

कथा के सातवें दिन व्यासपीठ से व्यास जी श्री राम ठाकुर जी महाराज ने कृष्ण सुदामा चरित्र के ऊपर मार्मिक व्याख्या की तथा कृष्ण सुदामा की सजीव झांकी प्रस्तुत की।

झांकी में श्रीमती सूची हरलालका, श्रीमती पायल अग्रवाल व श्री प्रकाश सूरेका ने कृष्ण, राधा तथा सुदामा का चरित्र निपुणता पूर्वक निभा कर उपस्थित दर्शक तथा भक्तगणों का मन मोह लिया । व्यास जी ने कहा कि दोस्ती हो तो कृष्ण सुदामा जैसी हो। व्यास जी ने आत्मा का सुंदर वर्णन किया और कहा कि आत्मा कभी भी नहीं मरती है ।

यह अमर है अजर है। रामायण हमें जीना सिखाती है तो भागवत हमें मरना सिखाती है। यानी किस तरह हम जिंदगी को सुखमय तरीके से जी सकते हैं यह हम रामायण से सीख सकते हैं तथा किस तरह हम मोक्ष गति को प्राप्त हो सके यह हमे भागवत सिखाती है । समिति की सदस्यों ने कृष्ण राधा के साथ फूलों की मनमोहक होली खेली। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि कथा स्थल वृंदावन धाम में प्रवर्तित हो गया था तथा जैसे भगवान खुद होली खेलने पधारे हैं। सभी धार्मिक ग्रंथों में श्रीमद् भागवत सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है। कथा के अंतिम दिन सुकदेव विदाई व परिक्षित मोक्ष पर चर्चा की ।

श्री राम मंदिर महिला सत्संग समिति ने सभी धर्म प्रेमियों का आभार प्रकट किया जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस कथा को सफल करने के लिए सक्रिय सहयोग दिया ‌‌। महिला समिति की ओर से व्यास जी का तथा उनके साथ आए पंडित जनों का स्वागत के अलावा उन लोगों का तथा पत्रकार जगत से जुड़े लोगों का फूलाम गामोछा से सम्मान किया जिन्होंने इसे सफल करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कथा के विश्राम दिवस पर विशेष विदाई समारोह में मुख्य जजमान श्री ओमप्रकाश हरलालका एवं श्रीमती सरोज हरलालका के अगुवाई में सभी जजमानों ने व्यास जी को भावभीनी विदाई दी।व्यास जी ने श्री राम मंदिर महिला सत्संग समिति को विशेष धन्यवाद दिया जिनके कारण इस कथा को श्रवन करने का बंगाईगांव के भक्तों को शुभ अवसर मिला साथ ही सात दिन सुंदर व्यवस्था के लिए भी महिला समिति का आभार प्रकट किया गया।

कथा के सातवें दिन हवन, पूर्णाहुति एवं प्रसाद के साथ कथा को विराम दिया गया। इस महान तथा पवित्र आयोजन से भक्तो और सभी कार्यकर्ताओं में उत्साह उमंग का ठिकाना न था । पुरे वातावरण भक्ति रस में डूब गया था। इस कथा के समापन पर्व में भक्तो में आनंद की आंसू भी था।

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