कोकराझार के रथयात्रा में यूरोप ,रसिया, साइबेरिया, मोस्को, यूक्रेन से विदेशी भक्त शामिल हुए,भक्तो में आनंद

*कोकराझार के रथयात्रा में यूरोप ,रसिया, साइबेरिया, मोस्को, यूक्रेन से विदेशी भक्त शामिल हुए, भक्तो में आनंद*

तिलक चंद्र प्रसाद, कोराझार ( बीटीसी, असम), 22 जून 2023 . असम के अंतर्गत बीटीसी के प्राणकेंद्र कोकराझार में आयोजित किए गए ” रथयात्रा ” का नजारा अति सुन्दर तथा आकर्षक रहा। कोकराझार के शांतिनगर में स्थित सार्बजनीन दुर्गाबाड़ी प्रांगण से शुभाराम की गई इस रथयात्रा में अनगिनत भक्तो ने बारिश के बाबजूद भी हिस्सा लेकर भगवान जगन्नाथ के भक्ति में डूब कर आनंद रस से सराबोर होकर नाचते कूदते तथा झूमते नजर आए।

प्रभू के आराधना में मग्न भक्तो के ऊपर बारिश का पानी भी फीका पड़ गया था। प्रभू सेवा में लीन बिहारी गोपीनाथ दास के अगुआई में निकली गई इस रथ की संचालन पर्भू के भक्त विशिष्ट समाज सेवक कौशिक दे सारथी के आसन से संचालन निपुणता पूर्वक कर रहे थे।

अनगिनत भक्तो के समावेश में भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा मैया की विग्रह लेकर निकाली गई यह *रथ* कोकराझार के रेलगेट , पुलिस प्वाइंट, विशाल , गौरांग वैली, टेंगापारा ,आदि स्थान होते हुए यह यात्रा कदमतोला भवानीपुर पहुंचने पर बीटीसी के स्वास्थ विभाग के ई एम तथा समाज के शुभ चिंतक कर्मयोगी लीडर अरूप दे तथा दे परिवार के पूरे सदस्य गण और अनगिनत भक्तो ने श्रद्धा पूर्वक स्वागत किया।

कोकराझार के इस्कॉन के भक्तो द्वारा आयोजित इस रथयात्रा में मॉस्को,यूक्रेन, रसिया,साइबेरिया,यूरोप आदि देश के 6 महिला और एक पुरुष इस्कॉन भक्त तथा सनातन धर्म को अपनाए हुए भक्त शामिल होकर भजन कीर्तन में लीन होते हुए देख स्थानीय भक्तो में उत्साह और दुगना हो गया था। इस रथयात्रा आयोजन में बिहारी गोपीनाथ दास, सामाजिक कार्यकर्ता कौशिक दे ,सुरजीत राय आदि ने अपनी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विदेश भक्तो कोकराझार के रथयात्रा में लाने में सामाजिक कार्यकर्ता सुरजीत दास ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है बोलकर इस्कॉन भक्त बिहारी गोपीनाथ दास ने सूचित किया। इस कार्यकर्म में श्रीधाम मायापुर से सर्व औषधि मंत्र दास पधार कर अपनी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

भवानीपुर राधाकृष्ण मंदिर में अठाईस जून तक भजन कीर्तन , पाठ कथा आदि कार्यकर्म चलेगी और भक्तो के लिए महा भोग प्रसाद का आयोजन किया गया है। रोजाना भक्तो की भीर जारी है। अठाईस जून के शाम को उल्टा रथयात्रा शांतिनगर के लिए रवाना किया जाएगा। बताया जाता है की शुरुआती में तथा पहले दिन “रथयात्रा” निकाल कर प्रथा अनुसार भगवान जगन्नाथ के मौसी के घर पहुंचाए जाते है।

जहा रथ पहुंचाए जाते है उसे भगवान जगन्नाथ के मौसी के घर कहा जाता है। और इसी स्थान में पूजा पाठ, आरती, भजन कीर्तन के साथ भोग प्रसाद चढ़ाएं जाते है।इस रथयात्रा में हाथी भी लाए गए थे। इस रथयात्रा में शामिल हुए सभी विदेश और स्थानीय भक्तो को बिहारी गोपीनाथ दास ने दिल से धन्यवाद प्रदान किया है।

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